घर पर अपने स्तनों को कैसे बड़ा करें

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क्या आप घर पर अपने स्तनों को बड़ा कर सकते हैं?

लैक्टेयल ग्रंथियों की प्लास्टिक सर्जरी एक बहुत ही महँगी तथा ख़तरनाक प्रक्रिया है, जिससे वो हर महिला बचना चाहती है जो कि अपने स्तनों को बढ़ाना चाहती है और अपने प्राकृतिक उभारों को बचाना चाहती है.

लैक्टेयल ग्रंथियों की प्लास्टिक सर्जरी एक बहुत ही महँगी तथा ख़तरनाक प्रक्रिया है, जिससे वो हर महिला बचना चाहती है जो कि अपने स्तनों को बढ़ाना चाहती है और अपने प्राकृतिक उभारों को बचाना चाहती है.

आज कल विशेषज्ञों के बीच घर पर आज़माए जा सकने वाले स्तन वृद्धि के तरीक़ों के प्रभाव को लेकर काफ़ी मतभेद हैं. हालाँकि, कई शताब्दियों से आने वाला अनुभव हमें यही बताता है कि स्तन वृद्धि के लिए चाकू-छुरियों से गुज़र जाना अच्छी सलाह नहीं है. कुछ घरेलू तरीक़े हैं:

  • मसाज तथा ख़ास वर्कआउट्स:
  • हॉर्मोनल प्रीपरेशंस
  • कोई उत्पाद यौगिक;
  • ख़ास कपड़ों का इस्तेमाल;
  • अन्य पारम्परिक तरीक़े.

अन्य सभी तरीक़ों की अपनी-अपनी कमियाँ हैं, और उनके प्रयोग के गुणों की चर्चा हम नीचे करेंगे

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स्तन बृद्धि मसाज

स्तन बृद्धि मसाज का मुख्य उद्देश्य रक्त का परिसंचरण सुधारना होता है जो कि लेक्टल ग्रंथियों के पोषण तथा स्तनों के बढ़ने में सहायता करता है.

स्तन मसाज के चार प्रकार होते हैं. उन सबका परिणाम एक ही होता है (स्तन के आकार में बृद्धि), साथ ही इसके दुष्परिणामों में त्वचा का बहुत अधिक संवेदनशील हो जाना, सूजन आ जाना, फ़ायब्रोसिस तथा सिस्ट बन जाना आदि आते हैं. इसके ग़लत असर से लालपन, जलन तथा त्वचा में झुकाव आदि आते हैं.

जल द्वारा स्तन मसाज

पानी की तीव्र धार की सहायता से इस मसाज को गोल आकार में करिए. हर स्तन पर २ से ३ मिनट बिताइए, तथा पानी निपल्स पर पड़ने से बचाइए. मसाज के लिए पानी थोड़ा सा ठंडा ज़रूर होना चाहिए, हालाँकि आप हर ५-१० सेकेंड के बीच में पानी के कम तथा अधिक तापमान में परिवर्तन करके इससे विलग शॉवर भी ले सकते हैं.

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स्तन सुधार मसाज

इसे ५ चरणों में किसी मसाज क्रीम अथवा ख़ास जेल की सहायता से कीजिए:

  • लगभग २ मिनट तक निपल्स छोड़ कर स्तन वाले क्षेत्र में तीन उँगलियों को गोल आकृति में घुमाइए.
  • साथ ही इसे निपल्स पर मलने का भी ध्यान रखिए.
  • २ मिनट तक निपल्स से दूर जाती हुई अवस्था के जैसे उँगलियों के अग्रभाग से फिसलाते हुए मसाज कीजिए.
  • एक हाथ से स्तन पकड़िए, साथ ही दूसरे हाथ से धीरे से थपथपाइए.
  • धीरे से चुटकी काटने के बाद रगड़ना शुरू कीजिए.

स्तन वैक्यूम मसाज

इसे किसी मॉस्चरायज़र क्रीम अथवा किसी ख़ास जेल की सहायता से कीजिए जो कि वैक्यूम हेडर प्रदाता द्वारा प्रदान की गई हो. विभिन्न क्रियाविधियाँ काम करती हैं, पर सबका मूल नियम एक जैसा ही है:

  • हेड को अपने स्तन से लगाइए.
  • पम्प की सहायता से डिवाइस के बाहर हवा खींच लीजिए.
  • हर स्तन पर १०-१५ मिनट तक हेड को पकड़िए.

जापानी स्तन मसाज

ये करने के लिए आपको एक सहायक की आवश्यकता होगी. इस विधि का मूलभूत आधार शरीर के विभिन्न हिस्सों में स्थित ख़ास बिंदुओं को दबाना होता है:

  • थाइरॉइड ग्रंथि के साथ ८ बिंदु (हर तरफ़ ४);
  • कंधों के पास ६ बिंदु (३ हर तरफ़);
  • कॉलर बोन के पास कंधे पर २ बिंदु.

५ से ७ सेकेंड के समय तक हर २० सेकेंड के अंतराल में इन सभी बिंदुओं पर ज़ोर लगाइए.

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हॉर्मोनल प्रीपरेशंस

हॉर्मोनल प्रीपरेशंस तथा वे उत्पाद जिनमें एस्ट्रोजन, प्रोजेस्ट्रोन, प्रोलैक्टिन आदि होते हैं, स्तनों में बृद्धि कर सकते हैं. उनमें से कुछ हैं:

यारिन: एस्ट्रोजन और हेस्टेन पर आधारित एक लोकप्रिय गर्भनिरोधक. गर्भाधान को रोकने के अलावा, फैटी टिशू और पफिंग के आदान-प्रदान के विघटन के दौरान प्रीपरेशन दिखायी पड़ती है. इसके मतभेदों में शामिल हैं: गर्भावस्था, स्तनपान, घनास्त्रता, अधिक सिरदर्द, और शर्करा मधुमेह जटिलता आदि.

रेगुलोन– एक और गर्भनिरोधक प्रीपरेशन जो महिला यौन हार्मोन के एनालॉग्स पर आधारित है. यह ओव्यूलेशन के आगमन को दबा देता है और गर्भाशय में शुक्राणुओं की पैठ को जटिल बनाता है. विकारों में शामिल हैं: गर्भावस्था, स्तनपान, धमनियों वाला उच्च रक्तचाप, यकृत रोग, मिर्गी, शर्करा मधुमेह के गंभीर रूप, एस्ट्रोजेन पर आधारित सूजन, और रक्त संयोजकता में बाधाओं का विखंडन.

जैनिन – रेगुलोन के लिए एक एनालॉग, इस प्रीपरेशन का मुख्य कार्य गर्भनिरोधन है, हालांकि एथिनिलेस्ट्राडियोल, जो जैनिन में निहित है, शरीर के तरल पदार्थों के लिए बाधा खड़ी कर देती है, जिससे कि कूल्हों, कमर, और स्तनों के आकार में बृद्धि हो जाती है. इसके कुछ मतभेदों में गर्भावस्था, दुग्धपान, शर्करा मधुमेह, थ्रम्बोज़ेज़, थोरोमबोम्बोलिया, गंभीर जिगर और किडनी के रोग, गर्भाशय परिसंचरण, और रजोनिवृत्ति के बाद की आयु अवधि शामिल है.

विसान्ना – ये जटिल क्रिया गोलियाँ हैं. हेस्टेन, प्रीपरेशन में मुख्य घटक के रूप में कार्य करके, शरीर में पाचन को गर्भावस्था के समान तरीके से बदलता है. इस कारण से लैक्टियल ग्रंथियों का विस्तार होता है. विकारों में शामिल हैं: शर्करा मधुमेह, घनास्त्रता, गुर्दे की गंभीर बीमारियां और कई कार्डियो वैस्क्यूलर बीमारियाँ, गैलेक्टोसिस असहिष्णुता और हार्मोन-आधारित ख़राब-प्रकार की शोथ.

डिविजेल – महिलाओं के लिए रजोनिवृत्ति के दौरान एस्ट्रोजेन की कमी के कारण साथ ही साथ रजोनिवृत्ति के दौरान ऑस्टियोपोरोसिस के आगमन को रोकने के लिए प्रदर्शित. मतभेदों में भ्रूण, थ्रोमेम्बोलीया, पोर्फिरिया, जिगर की तीव्र बीमारियां, और हार्मोन-आधारित सूजन शामिल हैं.

Hormonal preparations

हॉर्मोनल प्रीपरेशंस के सामान्य दुष्परिणामों में थुलथुलापन, शरीर के आकार में बृद्धि, भावनात्मक चिड़चिड़ापन, उच्च रक्तचाप, ख़राब भावनाएं तथा उल्टी आदि शामिल हैं.

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स्तन बृद्धि उत्पाद

अपनी प्रतिक्रिया में कुछ उत्पादों को जोड़ लेना “दर्द रहित” तरीक़े से स्तन बढ़ाने का सबसे अच्छा उपाय है. बहुत से उत्पादों के स्तन बृद्धि पर सकारात्मक प्रभाव के साथ उनमें एस्ट्रोजन तथा टेस्टॉस्टरोन होना चाहिए जो कि लेक्टल ग्रंथियों की वृद्धि के लिए जवाबदेह होते हैं. इनमें से कुछ उत्पादों के रूप में सोया, दूध तथा दूध से बने अन्य उत्पादों को रखा जा सकता है.

इस उद्देश्य के लिए अलसी के बीज बहुत ही शानदार परिणाम देते हैं. प्राचीन समय से, स्त्रियों ने उन्हें कटोरी में पीस कर विभिन्न पकवानों में मिलाया है. इसका सम्बन्ध विभिन्न मसाले युक्त चीज़ों से भी है जो कि स्तन की ग्रंथियों की बृद्धि को प्रभावित करती हैं. ऐसे कुछ मसाले हैं:

  • अदरक;
  • गुलनार;
  • सेज;
  • अजवायन की पत्ती,
  • अजवायन के फूल.

इनमें काली मिर्च, हल्दी तथा लाल तिपतिया घास को भी शामिल किया जा सकता है.

स्तन वृद्धि के लिए उपयुक्त उत्पादों के बीच पहला स्थान बीन्स और मटर को दिया जाना चाहिए. इन में बड़े भाग में शतावरी सेम, दाल, और शेल्ड पीज़ हैं. उन्हें अपने दैनिक आहार के राशन में ५० से १०० ग्राम तक शामिल करें और आप न केवल अपने उभार बढ़ा लेंगी, बल्कि ये पूर्ण रूप से आपके शरीर को काफी मज़बूत बनाएंगे.

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बहुत सारे फल तथा सब्ज़ियों के रूप में उपलब्ध उत्पाद पाचन में हिस्सा लेते हैं. स्तन बृद्धि में विशेष महत्ता में निम्न लिखित का हिस्सा है:

  • लाल सिर वाले गोभी, ब्रसेल्स स्प्राउट्स, और फूलगोभी;
  • बीट;
  • गाजर;
  • ब्रोकोली;
  • सेब;
  • अनार;
  • स्ट्रॉबेरीज़ और ब्लैकबेरी

इनके तत्त्व एंथोक्यानिंस का शुक्र है कि ये उत्पाद शरीर की कैंसर तथा मुक्त कणों से लड़ने में सहायता करते हैं.

असंतृप्त वसा भी स्तन वृद्धि में सक्रिय रूप से हिस्सा लेती है, जो आपको हेरिंग, नट, सूरजमुखी के बीज, जैतून और जैतून का तेल सेवन करने पर प्राप्त हो सकती है.

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स्तन बृद्धि कसरतें

आपको ध्यान रखना चाहिए कि स्तनों में पूर्ण रूप से मसल फैब्रिक नहीं होता है, इसलिए स्तन माँसपेशियों को बढ़ाने के लिए आपको काफ़ी कुछ और चाहिए, जैसे कि आपको नितम्ब बढ़ाने की स्थिति में करना होता है.

सबसे प्रभावी कसरतें

  1. वार्म अप के लिए बैठें और कुर्सी के पीछे अपनी कोहनी के साथ स्पष्ट रूप से झुकें. अपनी कोहनियों को पहले से कनेक्ट करें और उन्हें इस तरह से दबाएँजैसे कि आप एक अखरोट को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. अपनी हथेलियों को दबाकर, दोनों स्तनों पर समान कार्यभार देखें. प्रत्येक 10 सेकेंड में बदलते हुए, 5 सेमी तक हथेलियों को स्तन से दूर रखें
  2. डंबल्स लीजिए तथा स्कीइंग करने जैसा क्रियाकलाप शुरू कर दीजिए. साथ ही, कोहनियाँ शरीर की तरफ़ खिंची हुई होनी चाहिए और बाहों की गतिविधि नितम्बों से स्तनों की तरफ़ होनी चाहिए. पूर्ण रूप से धीमे तथा सामान गति से बिना हिले हुए प्रक्रिया पूरी कीजिए.
  3. हर दिन पुश अप्स कीजिए. वे स्तन की माँसपेशियों को सीधे कार्यभार देते हैं. साथ ही, सेट्स करते हुए बाहों के बीच की दूरी बहुत अधिक नज़दीक से दूर कर दें. पुश अप्स काफ़ी कड़ी कसरत है, पर आपको ये एक सेट में ये कम से कम एक बार करना है. हर दिन पुश अप्स की संख्या में १ पुशअप बढ़ाने की कोशिश कीजिए.

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प्रकृतिक उपायों के रूप में बोल्सटर्स

महिलाएँ स्तन बृद्धि में हमेशा से ही रुचि रखती आई हैं तथा अन्य सभी कठिन उत्पादों तथा कसरतों के अलावा स्तनों को बड़ा आकार देना ख़ास बोल्सटर्स की सहायता से ही सम्भव हो सकता है. दरअसल कई स्थितियों में कम विकसित स्तन ख़राब रक्त परिसंचरण के कारण होते हैं तथा उन्हें बाह्य प्रभावों के द्वारा सामान्य किया जा सकता है.

प्रभावी तरह से बोल्सटर्स के रूप में शामिल किए जा सकने बाले तरीक़े निम्नवत हैं:

  • बादाम ईथर तेल, यलैंग-यलैंग, और जीरानियम का मिश्रण;
  • दूध चावल दलिया.
  • नीली मिट्टी.

सामान्य ताप तक गर्म करके अपने स्तनों पर इन्हें लगाइए. बोल्सटर्स को त्वचा पर सोने से पहले लगाया जा सकता है तथा सुबह हटाया जा सकता है.

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विजुअल स्तन बृद्धि

स्तनों को दृष्टिगत रूप से भी बढ़ाया जा सकता है, ऐसा करने के लिए फ़ैशन इंडस्ट्री में “पुश-अप” नामसे एक अलग लाइन भी उपलब्ध है, जिसमें आती हैं:

  • ब्राज
  • टी-शर्टें, स्वेटर, ब्लाउज़ तथा स्वेट शर्ट;
  • ड्रेसेज़;
  • वेस्ट्स

ये सभी प्रकार के कपड़े एक मुख्य काम करते हैं- वे स्तनों को बाहर उठा देते हैं तथा आगे की तरफ़ धकेलते हैं.

आज कल पुश आप ब्राज को अच्छी ख़ासी प्रसिद्धि मिली हुई है. स्तनों को दृश्य रूप से बढ़ाने के हिसाब से इन्हें ४ हिस्सों में बाँटा जा सकता है:

  • वे जिनमें फ़ोम कप होते हैं: ये सौम्य तथा आरामदायक ब्राज़ हर दिन प्रयोग के लिए होती है. ये अच्छी तरह से स्तनों को उठा देती है तथा एकदम पतले तथा सबसे अधिक पारदर्शी कपड़ों के नीचे पहनने के लिए भी उपयुक्त होती है.
  • वे जिनमें अलग लाइनर्स होते हैं: इनमें लाइनर्स के नीचे अंदर के हिस्से में ख़ास प्रकार की छोटी जेबें होती हैं जो कि या तो साथ में आती हैं या उन्हें अलग से ख़रीदा जा सकता है. परिणाम रूप में जितना भी बड़ा लाइनर होगा उतने बड़े उभार दिखेंगे. उन्हें कपड़े के नीचे,फिर चाहे वो छोटे हों या गहरे कट वाले, रखा जाता है.
  • सिलिकन फ़िलिंग वाली: ये अच्छे से स्तनों को सहारा देती हैं तथा उनकी सौम्यता से खिलवाड़ नहीं करतीं. वाटर प्रूफ़ सिलिकन अकसर बाथिंग सूट्स में प्रयोग होता है, जो कि बीच पर भी अपने स्तनों के आकार के बारे में चिंता करने से राहत देता है.
  • करेक्टिव प्रकार: सबसे छोटे प्रकार के स्तनों के लिए निर्मित. एक ख़ास प्रकार का फ़ोम ब्रा फ़िलर आपको गोल तथा मदमस्त आउट्लायन तथा बहुत आराम देती है.

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Remember

याद रखिए

१. स्तन मसाज के दौरान नाज़ुक हिस्से को किसी भी ख़तरे से बचाने के लिए बहुत अधिक ध्यान दीजिए.

२. हॉर्मोनल प्रीपरेशंस अगर ग़लत तरह से प्रयोग की जाएँ तो स्वास्थ्य को बहुत बड़ा नुक़सान कर सकती हैं, इसलिए प्रयोग से पहले डॉक्टर से बात करना ज़रूरी है.

३. स्तन बढ़ाने की प्रक्रिया में कई उत्पाद भाग लेते हैं. उन्हें अपने दैनिक जीवन में शामिल करना आपको अपने शरीर पर निगाह रखने तथा विभिन्न बीमारियों को विकसित होने से रोकने मे सहायता करेगा.

४. उत्पादों, मसाजों तथा स्तन बृद्धि वर्धक के साथ कम से कम १० मिनट तक स्तन से वर्कआउट कीजिए.

५. पुशिंग अप कपड़ों की वजह से स्त्रियों के उभारों में दर्शनीय समस्या आ जाती है, ऐसे में सर्जरी, हॉर्मोनल तैयरियों तथा वर्कआउट्स से बचने से बेहतर है कि इसका पहले ही ध्यान रखा जाए.

Wiki: https://en.wikipedia.org/wiki/Breast_implant

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