एजिंग: यह क्या है और आपको यह क्यों करा चाहिए

एजिंग: यह क्या है और आपको यह क्यों करा चाहिए
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क्या आप अपने सेक्स जीवन को फिर से जोश से भरकर अपनी पार्टनर को जबर्दस्त ओरगाज़्म देना चाह रहे हैं?

आधुनिक जीवन में धैर्य से काम लेना बड़ा मुश्किल होता है। डिजिटल क्रांति के साथ ही हमारी स्थिति मानो ऐसी हो गई है जैसे हम किसी बहुत तेज चल रही कार की सीट में बैठे हैं और किसी भी चीज पर दो सेकंड से ज़्यादा ध्यान ही नहीं दे पाते।

लेकिन जब बात सेक्स की आती है तो अपनी कर को धीमा कर लेने से बहुत फायदा हो सकता है। यदि आप किसी औरत को ऐसा सेक्स देना चाहते हैं जो वो कभी न भूले, या आप कुछ नया करना चाहते हैं तो खुद पर नियंत्रण अपने आप में एक तकनीक मानी जाती है। ‘एजिंग’ में आपका स्वागत है।

एजिंग क्या है?

इसमें फोरप्ले या अंदर डालने के बाद औरत के ओरगाज़्म में जितनी हो सके उतनी देर की जाती है ताकि उसे ज़्यादा संतुष्टि मिल सके। जब आपको लगे कि औरत झड़ने वाली है तो या तो आप तब तक धीमे करने लगें या पूरे रुक जाएँ, जब तक आपको यह न लगने लगे कि अब वो नहीं झड़ेगी। इसके बाद इसे दोहराएँ। साइकोलोजी के अनुसार एजिंग एक बहुत बड़े सिद्धान्त पर आधारित है: यदि आपके पास कोई चीज नहीं है तो आप उसे पाने की और भी ज़्यादा इच्छा करते हैं। जैसे-जैसे आप झड़ने में देरी करते जाएंगे, लड़की की ओरगाज़्म पाने की इच्छा उतनी बढ़ती जाएगी। यदि आप इसे सेक्स के दौरान एक या दो बार करेंगे तो एजिंग से सेक्स बहुत लंबा चलेगा।

इसे क्यों आज़माएँ?

यदि आप शादीशुदा हैं या बस किसी लड़की से बहुत प्यार करते हैं तो इस तकनीक से आप दोनों के बीच गाढ़े सेक्स संबंध बन जाएंगे और ओरगाज़्म बहुत तीव्र होंगे। इस तरह का सेक्स किसे पसंद नहीं आएगा?

यदि इसे ठीक से किया जाए तो एजिंग से आपको सेक्स का ज़्यादा समय मिल सकता है। जब भी फोरप्ले के बाद लगे कि आप जल्दी नहीं करना है तो उसकी ओर ध्यान दें। जैसे-जैसे लड़की ओरगाज़्म की ओर बढ़ने लगती है, उसे न आने दें, फिर दोबारा शुरू करें। उसके ऊपर थोड़ा ज़्यादा ध्यान देने से आपको ज़्यादा समय मिल सकता है।

इसे कैसे शुरू करें?

किसी भी नई आदत की तरह एजिंग को भी अपने जीवन में उतारना महात्वूर्ण होता है। यदि आप इस तरीके को आजमाकर देख रहे हों तो शुरू करने से पहले इसके बारे में उससे बात करें।

याद रखें कि हर औरत के लिए हर तकनीक काम नहीं करेगी। यदि आपकी पोजीशन या तकनीकें काम नहीं कर रहीं तो हिम्मत न हारें। जब तक आपको अच्छे नतीजे न दिखने लगे, तब तक नई-नई चीजें ट्राय करते रहें, और एक बार सही चीज मिल जाने पर, उसे करते रहें। हमें लगता है कि जब लड़की झड़ने वाली हो तो हमें और तेजी से और जल्दी-जल्दी करना चाहिए, लेकिन इन छोटी-छोटी चीजों में बदलाव करने से भी आप उसे स्वर्ग की अनुभूति करवा सकते हैं – या ये भी हो सकता है कि वह चरम सुख से वापस आ जाए। और अंत में, उस पर ध्यान जरूर दें। यदि आप एजिंग के पहले इस पर बात नहीं करेंगे तो आपको उसकी भावदशा को देखकर अंदाज़ लगाना होगा। चरम सुख आने के कुछ लक्षण होते हैं आहें, भौहें तन जाना, शरीर में कांटे उठ जाना, मसल तन जाना, चूचियाँ कड़ी हो जाना और शरीर गर्म हो जाना।

एजिंग: यह क्या है और आपको यह क्यों करा चाहिए

इसे कैसे करें: फोरप्ले के दौरान एजिंग

फोरप्ले या अंदर न डालने के सेक्स के दौरान एजिंग से दोनों को बहुत मजा आ सकता है। शुरुआत करने के लिए SmilingDick.com के बढ़िया आइडिया जरूर देखें:

उंगली करना

आप उसे सहला कर शुरू कर सकते हैं: उसकी जांघों, नितंबों, पेल्विक बोन को छूएँ लकिन योनि तक न जाएँ। इसके बाद उसकी क्लिटोरिस को पूरे हाथ से आगे-पीछे और घुमावदार तरीके से मलें। इस दौरान लड़की की प्रतिक्रिया पर नज़र रखें। जब आपकी उँगलियाँ उसकी योनि में घुस जाएँ तो अंदर-बाहर करने की जगह उन्हें मोड़कर उसके जी-स्पॉट को खोजें। एक बार वह ओरगाज़्म के पास पहुँचने लगे तो अपने एजिंग के आइडिया के अनुसार वापस हल्की उत्तेजना वाली चीजों पर वापस आ जाएँ और इसके बाद फिर क्लिटोरिस पर जाएँ।

मौखिक

कई औरतों को मौखिक सेक्स बहुत पसंद होता है, इसलिए एजिंग के नाम पर सीधे इस सेक्स पर न जाएँ। आप उसे चरम सुख के बिल्कुल पास ले जाना चाह रहे हैं। उंगली करने के समान ही आखिरी क्षण तक क्लिटोरिस को चूमने से बचें। उसके होंठ, स्तन या अंदर की जांघों को पहले चूमें। एक बार नीचे पहुंचने के पाद क्लिटोरिस पर सीधे चूमने की जगह उसके आस-पास की जगहों को चाटें। इसके बाद उसकी प्रतिक्रियाओं के आधार पर अपने दिमाग से काम लें और नई चीजें करें। उसकी क्लिटोरिस को एक तरह से फिल्म का क्लाइमेक्स समझें और आप एजिंग के गेम में बहुत आगे जाएंगे।

नितंबों का खेल

गुदाद्वार के पास बहुत नर्व्स होती हैं, इसलिए यदि आप इस जगह को सही से सहला देंगे तो जबर्दस्त ओरगाज़्म मिल सकते हैं। लेकिन नितंबों की जगह पर सहलाना हर किसी को पसंद नहीं होता – इसे पूरी तरह आजमाने से पहले हल्के से करके देखें। चिकनाई लगी उंगली से वहाँ के आस-पास की जगह को सहलाएँ और पहले बहुत हल्के से करें। यदि लड़की को इसमें मजा आए तो आप और अंदर तक जा सकते हैं। इसके साथ उंगली डालना और मौखिक सेक्स करने से वह ओरगाज़्म तक और जल्दी जाएगी –और फिर ठीक पहले वापस ले आएँ।

एजिंग: यह क्या है और आपको यह क्यों करा चाहिए

 

इसे कैसे करें: सेक्स के दौरान एजिंग

ठीक है, तो आपको सेक्स में एजिंग करना है। लेकिन कैसे?

धक्के का चरण

एजिंग की एक तकनीक को संभोग के अंतिम चरण में उपयोग करना होता है – वह चरण जब आपको लगे कि अब लड़की का ओरगाज़्म आने ही वाला है। यदि वह बहुत जल्दी झड़ने वाली हो तो, बस सीधे बाहर खींच लें। हाँ, इसमें आपका अपने ऊपर भी जबर्दस्त कंट्रोल होना भी बहुत जरूरी है, लेकिन यदि आप ठीक से टाइमिंग रखेंगे तो लड़की को बेहद बढ़िया ओरगाज़्म मिल सकता है।

ध्यान बटाएँ

जब माहौल गर्म होने लगे और ऐसा लगे कि लड़की झड़ने वाली है तो उसके शरीर के योनि को छोड़कर किसी और हिस्से में तीव्र संवेदना करके उसका ध्यान बंटा दें। जैसे, उसकी जांघों पर जाएँ, चूचियाँ सहलाएँ या गुदा में उंगली कर दें। इससे आखिरी क्षण में उसका ध्यान बंट जाएगा और ओरगाज़्म में देर होगी – इससे जब आखिर में जब वो झड़ेगी तो उसे बेहद मजा आएगा।

एजिंग का मतलब हमेशा रुक जाना नहीं होता

पूरी तरह रुक जाने और उसका ध्यान पूरी तरह बंटा देने की बजाय वहीं बने रहें जहाँ आप लगे हैं – उसकी योनि पर। जैसे ही वह झड़ने के लिए तैयार होने लगे तो बस उसकी क्लिटोरिस से हाथ हटा लें। फिर जब उसका ओरगाज़्म धीमा पड़ने लगे तो, वापस शुरू हो जाएँ। यह एक तरह से आग से खेलना है, इसलिए सही अंदाज़ लगाना बहुत जरूरी होता है।

जब बात सेक्स की आती है तो कई बार आपको अच्छे नतीजे पाने के लिए चीजें बदलनी पड़ती हैं। एजिंग अपनी पार्टनर को एक बढ़िया ओरगाज़्म देने का एक जबर्दस्त और मजेदार तरीका है और इसमें न किसी तरह के अजीबो-गरीब खिलौने और न कोई गेम्स लगते हैं। लड़की जल्दी ही आपसे और ज़्यादा की उम्मीद करने लगेगी – और जैसा अँग्रेजी में कहते हैं, आपको लाइफ में वो एज मिलेगा जिसकी आपको तलाश थी।

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